*दो बदमाशों को लूट-हत्या के प्रयास में 7 साल की सज़ा*
बांदा-ब्यूरो
अल्तमश हुसैन
बांदा।”कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं” – ये कहावत आज बांदा की अदालत में सच साबित हो गई। 19 साल पहले कोतवाली देहात में बंदूक की नोक पर लूट और खून की कोशिश करने वाले दो गुर्गों को आखिरकार कानून ने जकड़ लिया है।
साल 2005 में पचनेही गांव के इन बदमाशों ने सोचा था कि पुलिस की फाइलों में धूल जम जाएगी और वो बच निकलेंगे। हथियार लहराए, लूट की, जान लेने की कोशिश की और फरार हो गए। लेकिन उन्हें क्या पता था कि बांदा पुलिस 19 साल तक उनका पीछा नहीं छोड़ेगी।15 मई 2026 को जब जज साहब ने फैसला सुनाया 7 साल का कठोर कारावास 29 हजार का जुर्माना तो निर्मल और विजय के चेहरे सफेद पड़ गए। जो कल तक गांव में सीना चौड़ा कर घूमते थे,आज कटघरे में सिर झुकाए खड़े थे।दोनों आरोपी निवासी ग्राम पचनेही, थाना कोतवाली देहात,जनपद बाँदा के निवासी हैं।ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत SP पलाश बंसल ने जब पुरानी फाइलें खंगालने का आदेश दिया तो कोतवाली देहात पुलिस टूट पड़ी। 19 साल पुराने गवाह ढूंढे, धूल खा रहे सबूतों को जिंदा किया,और ऐसी चार्जशीट बनाई कि वकील के भी पसीने छूट गए। कोर्ट में सरकारी वकील की दलीलों के आगे बचाव पक्ष टिक ही नहीं पाया।कोर्ट ने माना कि आरोपियों ने हत्या के प्रयास, लूट और अवैध हथियार रखने का संगीन जुर्म किया था। 307 में जान लेने की नीयत, 394 में हथियार के बल पर लूट, और 3/25 आर्म्स एक्ट में तमंचा रखना – तीनों में दोषी पाया।इस सजा के बाद पुलिस महकमे में जश्न का माहौल है।
*दो बदमाशों को लूट-हत्या के प्रयास में 7 साल की सज़ा* बांदा-ब्यूरो
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