*बजरंग चौराहे पर शराब ठेके के विरोध में 7वें दिन बिगड़ी अनशनकारी की हालत*
अक्षत श्रीवास्तव की रिपोर्ट
*भीषण गर्मी में आमरण अनशन पर बैठा युवक हुआ अचेत, एंबुलेंस से काशीराम अस्पताल भेजा गया*
कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र स्थित बजरंग चौराहे पर देशी शराब ठेके को हटाने की मांग को लेकर पिछले सात दिनों से चल रहा आमरण अनशन गुरुवार को उस वक्त गंभीर मोड़ पर पहुंच गया, जब अनशन पर बैठा व्यक्ति भीषण गर्मी के चलते अचानक अचेत हो गया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर अनशनकारी को काशीराम अस्पताल भेजा गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक ओर शराब का ठेका संचालित हो रहा है और चंद कदमों की दूरी पर मंदिर स्थित है, जिससे क्षेत्र का माहौल लगातार खराब हो रहा है। लोगों का कहना है कि ठेके के कारण रोजाना शराबियों का जमावड़ा, विवाद और अराजकता की स्थिति बनी रहती है। वहीं अनशनकारी का साफ कहना है कि जब तक ठेका यहां से हटाया नहीं जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।बताया जा रहा है कि आंदोलन के दौरान अनशनकारी पर पहले भी हमला हो चुका है और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकियां भी मिल चुकी हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस आश्वासन या समाधान सामने नहीं आया है। इलाके के लोगों में भारी नाराजगी है और सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सात दिनों से चल रहे आमरण अनशन की सुध कौन लेगा? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? धार्मिक स्थल के पास खुले शराब ठेके पर कार्रवाई आखिर कब होगी?




