2- उर्वरकों के सन्तुलित प्रयोग से बढेगी मृदा में जीवॉश कार्बन
कानपुर नगर, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के अधीन संचालित
कृषि विज्ञान केन्द्र हजरतपुर के वैज्ञानिकों द्वारा उर्वरकों का सन्तुलित प्रयोग विषय पर ग्राम मेहरी में गोष्ठी एवं ग्राम भ्रमण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों को विभिन्न फसलों में खादों के सन्तुलित उपयोग के बारे में जानकारी दी गयी।
गोष्ठी में केन्द्र प्रभारी डा० विनोद प्रकाश द्वारा किसानों को बताया गया कि जैविक खादों के उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होती है। जिससे उत्पादों की गुणवत्ता में वृद्धि तथा उत्पादन लागत में कमी आती है। उन्होंने मृदा में शूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग पर बल दिया। वैज्ञानिक डा० नौशाद आलम ने बताया कि फसलों की अच्छी पैदावार के लिये उर्वरकों की सन्तुलित एवं वैज्ञानिक ढंग से करना बहुत जरूरी है उन्होंनें बताया की रसायनिक उर्वरकों के साथ-साथ जैव उर्वरकों का प्रयोग करने से अच्छा उत्पादन प्राप्त होता है। वैज्ञानिक पशुपालन डा० ओमकार सिंह यादव द्वारा बताया कि बगैर मृदा परीक्षण के अंधाधुंध रसायनिक उर्वरको के उपयोग से न केवल भूमि की उर्वरता शक्ति में कमी आती है बल्कि उत्पादन लागत भी बढ़ती है साथ ही पर्यावरण पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है उन्होने सलाह दी की किसान भाई समय-समय पर मिट्टी की जॉच अवश्यक कराये जिससे पता चल से की भूमि में किन किन पोषक तत्वों की कमी है। उन्होंने बताया कि किसान भाई अपने पशुओं का गोबर सड़क के किनारे व खाली पड़ी अन्य जगहों पर न डालकर अपने खेत पर गड्डा बनाकर विधिवत तरीके से गोबर की खाद तैयार करे। कार्यक्रम में ग्राम मेहरी के लगभग 50 से अधिक कृषक व कृषक महिलाओ ने भाग लिया। जिसमें कृषक महिलाओं ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। जिसमें कृषक श्री प्रमोद कुमार ने वैज्ञानिकों की टीम एवं कृषक / कृषक महिलाओं के साथ भ्रमण कर जागरूकता कार्यक्रम में सहयोग प्रदान किया।
उर्वरकों के सन्तुलित प्रयोग से बढेगी मृदा में जीवॉश कार्बन
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