*विश्व मौसम दिवस: पांच साल में कानपुर का औसत तापमान 1.3 डिग्री बढ़ा, इस साल 50 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान*
*डिस्ट्रिक हेड: राहुल द्विवेदी*
कानपुर। विश्व मौसम दिवस के अवसर पर जारी आंकड़ों ने शहर में बढ़ती गर्मी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पिछले पांच वर्षों में कानपुर का औसत तापमान करीब 1.3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इस वर्ष अधिकतम तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्ष 2021 से 2025 के बीच तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस अवधि में अधिकतम तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन का प्रभाव मान रहे हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में इस वृद्धि के साथ-साथ हीट इंडेक्स भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे लोगों को वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस हो रही है। अप्रैल से जून के बीच इसमें और बढ़ोतरी होने की संभावना है।
इस बदलते मौसम का असर खेती और स्वास्थ्य दोनों पर पड़ रहा है। फसलों की पैदावार प्रभावित हो रही है, वहीं लोग सर्दी, बुखार और पाचन संबंधी बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एस.एन. सुनील पांडेय के अनुसार, इस तरह के अस्थिर मौसम से पर्यावरण और मानव जीवन का संतुलन बिगड़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ते तापमान के पीछे मानवीय गतिविधियां मुख्य कारण हैं। कोयला, तेल और गैस का अत्यधिक उपयोग तथा वनों की कटाई से ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन बढ़ रहा है, जिससे तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है।
तापमान का वार्षिक औसत (डिग्री सेल्सियस में):
2020 – 25.1
2021 – 25.6
2022 – 25.8
2023 – 26.1
2024 – 26.3
2025 – 26.4
मौसम अपडेट:
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार से तेज धूप रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी हवाएं दोपहर में 12 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं। अगले तीन दिनों तक बारिश के आसार नहीं हैं।
निष्कर्ष:
कानपुर में बढ़ती गर्मी अब गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में स्थिति और भयावह हो सकती है।




