*दिल के अरमां आंसुओं में बह गए*
*दिल के अरमां आंसुओं में बह गए*
अब ओपी राजभर की तुलना में कम महत्व मिलना कब तक संजय निषाद को अच्छा लगता। ज़्यादा सीटें,ज़्यादा वोट फिर भी एक मत्स्य विभाग से कैसे काम चलेगा।ओपी राजभर को अल्पसंख्यक और पंचायती राज जैसे दो बड़े बजट वाला विभाग।
गोरखपुर में निषाद रैली में अपने समर्थकों के सामने निकले आंसू संजय निषाद को आगामी संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में नए पंख लगा सकते है।
उम्मीद और आंसू दोनों पर सियासत कायम है।
अब ओपी राजभर की तुलना में कम महत्व मिलना कब तक संजय निषाद को अच्छा लगता। ज़्यादा सीटें,ज़्यादा वोट फिर भी एक मत्स्य विभाग से कैसे काम चलेगा।ओपी राजभर को अल्पसंख्यक और पंचायती राज जैसे दो बड़े बजट वाला विभाग।
गोरखपुर में निषाद रैली में अपने समर्थकों के सामने निकले आंसू संजय निषाद को आगामी संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में नए पंख लगा सकते है।
उम्मीद और आंसू दोनों पर सियासत कायम है।




