गंगा के मैदानी इलाकों में तेज होगी शीतलहर, ला-नीना के असर से बढ़ेगी जानलेवा गलन
डिस्ट्रिक हेड | राहुल द्विवेदी
कानपुर। गंगा के मैदानी इलाकों में शीतलहर का प्रकोप और तेज होने वाला है। तीन जनवरी से कानपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में बर्फीली हवाएं चलने लगेंगी, जिससे गलन और कड़ाके की ठंड लोगों को बेहाल करेगी। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक घना कोहरा और शीतलहर बनी रहेगी।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से वातावरण में नमी 97 प्रतिशत तक पहुंच गई है। विक्षोभ के निकलते ही हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाओं में निरंतरता आएगी, जिससे शीतलहर और तेज होगी। हिमालय में लगातार हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में साफ तौर पर दिखाई देगा।
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त होते ही तीन-चार जनवरी से बर्फीली हवाएं चलेंगी। इससे ठंड और गलन में अचानक तेजी आएगी। उन्होंने बताया कि जेट स्ट्रीम और ध्रुवीय हवाएं नीचे आ गई हैं, जो ठंड को और घातक बनाएंगी।
प्रशांत महासागर में सक्रिय ला-नीना की स्थिति भी सर्दी को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। बीते 24 घंटे में कानपुर परिक्षेत्र में न्यूनतम तापमान में एक डिग्री और अधिकतम तापमान में 3.5 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान में फिर गिरावट के आसार हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पांच जनवरी के बाद एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और बढ़ेगी। इसका असर मैदानी इलाकों में और अधिक ठंड के रूप में देखने को मिलेगा।
गुरुवार को दृश्यता शून्य रही, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। चंद्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम विभाग ने सुबह और रात के समय घने कोहरे व शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया है।




