*तिहाड़ में बंद अमेरिकी किराए के सैनिक ने म्यांमार में कराया था ड्रोन हमला, कोर्ट में NIA का खुलासा*
*सीमा-पार सुरक्षा मामले: ड्रोन, भाड़े के लड़ाके और हत्या की साजिश*
*1. NIA का दावा — म्यांमार ड्रोन हमला*
▪︎ NIA ने दिल्ली की अदालत को बताया कि 7 विदेशी नागरिक कथित तौर पर म्यांमार में एक नागरिक विमान पर ड्रोन हमले में शामिल थे।
▪︎ समूह में कथित तौर पर 6 यूक्रेनी नागरिक और अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक शामिल हैं।
▪︎ NIA के अनुसार, कुछ यूक्रेनी नागरिक भारत में आए, गुवाहाटी और मिजोरम गए और बाद में कथित रूप से अवैध तरीके से म्यांमार में प्रवेश किया।
▪︎ उन्हें कथित तौर पर ड्रोन युद्ध, ड्रोन संचालन, असेंबली और जैमिंग तकनीक की ट्रेनिंग मिली।
▪︎ दिल्ली की अदालत ने 31 अगस्त को NIA को वैनडाइक और यूक्रेनी नागरिक कामिंस्की विक्टर से तिहाड़ जेल में पूछताछ की अनुमति दी।
*🇺🇸 2. मैथ्यू वैनडाइक — परिवार ने अमेरिकी हस्तक्षेप की मांग की*
▪︎ वैनडाइक को मार्च में NIA ने गिरफ्तार किया था और वह फिलहाल तिहाड़ जेल, दिल्ली में बंद है।
▪︎ उसके परिवार ने अमेरिकी दूतावास से तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप और उसे अमेरिका वापस लाने की अपील की है।
▪︎ परिवार ने उसकी हिरासत की परिस्थितियों को लेकर भी चिंता जताई है।
*🇺🇸 3. निखिल गुप्ता — अमेरिका का मर्डर-फॉर-हायर मामला*
▪︎ भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने अमेरिकी संघीय अदालत में दोष स्वीकार किया।
▪︎ उसने मर्डर-फॉर-हायर, हत्या की साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश से जुड़े आरोपों में दोष स्वीकार किया।
▪︎ अमेरिकी अभियोजकों का आरोप है कि वह खालिस्तानी आंतकी गुरपतवंत सिंह पन्नू को निशाना बनाने की साजिश में शामिल था।
▪︎ गुप्ता को 40 साल तक की सजा हो सकती है।
▪︎ भारत ने इस कथित साजिश में शामिल होने से इनकार किया है।
*🇮🇳 बड़ा सवाल*
अलग-अलग देश, अलग-अलग मामले — लेकिन सभी में सीमा-पार गतिविधियों, ड्रोन युद्ध, विदेशी ऑपरेटरों या हत्या की कथित साजिशों का पहलू सामने आता है।
*आज राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है—इसमें तकनीक, विदेशी नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक जांच भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।*




