परिषदीय स्कूलों में लागू हुआ आनंदम कार्यक्रम, 34 गतिविधियों से बच्चे सीखेंगे जीवन के व्यावहारिक पाठ
राजेश कटियार
कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में अब पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि बैगलेस डे के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के 7 प्रमुख उद्देश्यों को पूरा किया जाएगा। इस पहल के तहत बच्चों को तनावमुक्त और आनंदमय वातावरण में व्यावहारिक व अनुभवजन्य शिक्षा दी जाएगी जिससे उनका समग्र और समावेशी विकास हो सके। इसके साथ ही विद्यार्थियों में सामुदायिक जुड़ाव और आपसी निर्भरता की भावना बढ़ाने के लिए स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों व व्यवसायों की समझ विकसित की जाएगी ताकि वे भविष्य की चुनौतियों से आसानी से निपट सकें। कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के लिए आनंदम नाम से एक मार्गदर्शिका तैयार की गई है। इसमें 34 विषय और गतिविधियां शामिल हैं जिन्हें तीन प्रमुख भागों विज्ञान व पर्यावरण, सार्वजनिक कार्यालय व स्थानीय उद्योग और कला व संस्कृति में विभाजित किया गया है। बैगलेस डे में केवल बच्चे ही नहीं बल्कि अभिभावक भी पार्टनर बनेंगे। स्कूलों में अभिभावकों को आमंत्रित कर उन्हें बच्चों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास के प्रति जागरूक किया जाएगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो विद्यालय जानकारी के अभाव में तय शनिवार को इसका आयोजन नहीं कर पाए हैं, वे आने वाले शनिवारों में इसे समायोजित करेंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने इस संदर्भ में कहा कि आनंदम कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक जीवन के मूल्यों से जोड़ना है। 34 विशेष गतिविधियों के जरिए बच्चों में संवेदनशीलता, नैतिक मूल्यों, टीमवर्क और सकारात्मक सोच का विकास किया जाएगा। जब बच्चे खुशी और आनंद के वातावरण में सीखते हैं, तो उनका मानसिक और सर्वांगीण विकास तेजी से होता है। सभी विद्यालयों को इन गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।




