*शुक्लागंज शहाबुद्दीन सिएट एजेंसी द्वारा फूल माला पहनाकर जुलूस ए मोहम्मदी में आए हुए सभी लोगों का भव्य स्वागत किया गया*
शुक्लागंज पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा ﷺ की याद में बुधवार को शुक्लागंज में 1501वां जुलूस-ए-मोहम्मदी पूरी अकीदत और उत्साह के साथ निकाला गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लेकर नबी करीम ﷺ के प्रति अपनी मोहब्बत और अकीदत का इजहार किया। जुलूस के दौरान पूरा इलाका धार्मिक नारों और सलाम से गूंजता नजर आया।
परंपरागत रूप से आयोजित होने वाला यह जुलूस शुक्लागंज के विभिन्न मोहल्लों से होकर गुजरा। अहमदनगर, मनोहर नगर, इस्लाम नगर, गांधीनगर, मदनी नगर, मनसाखेड़ा, गोताखोर, गंगानगर, करीमुल्ला कॉलोनी, जामा मस्जिद, अली नगर, राशिद कॉलोनी और नबीनगर समेत आसपास के इलाकों से लोग इसमें शामिल हुए। बड़ी संख्या में अकीदतमंद अपने-अपने इलाकों से जुलूस में जुड़ते गए, जिससे इसकी रौनक और बढ़ती चली गई।
जुलूस निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ते हुए राजधानी मार्ग पहुंचा। यहां से यह धोबी पुलिया की ओर रवाना हुआ और फिर वापस गोताखोर कर्बला पहुंचकर इसका समापन किया गया। रास्तेभर लोगों ने धार्मिक भावना के साथ इसमें शिरकत की और जगह-जगह स्वागत की व्यवस्था की गई।
जुलूस ए मोहम्मदी नगर के विभिन्न मोहल्ले से मिलकर राजधानी मार्ग होता हुआ जामा मस्जिद पहुंचा नगर पालिका स्थित शहाबुद्दीन सिएट एजेंसी द्वारा जुलूसे मोहम्मदी का भव्य स्वागत किया गया और मां को सम्मान पुरस्कार दिया गया इस अवसर पर मौजूद प्रशासन के अधिकारियों का मीडिया पत्रकार साथियों को भी फूलमाला सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया गया इस अवसर पर एजेंसी संचालक श्री शहाबुद्दीन मो दानिश खान मौलाना रऊफ बरकाती मोहम्मद जुबेर मोहम्मद शुऐब मो सुब्हान एवं मार्केट के सभी लोग मौजूद रहे
इस मौके पर कई स्थानों पर जुलूस में शामिल लोगों के स्वागत के लिए विशेष इंतजाम किए गए। अकीदतमंदों पर फूलों की बारिश की गई और फूल-मालाएं पहनाकर उनका इस्तकबाल किया गया। विभिन्न स्थानों पर पानी, शरबत और लंगर की व्यवस्था भी देखने को मिली। लोगों ने एक-दूसरे को जुलूस-ए-मोहम्मदी की मुबारकबाद दी।
जुलूस से जुड़े लोगों के मुताबिक,ये परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। हर वर्ष इस अवसर पर लोग अपने घरों और मोहल्लों में फातिहा, दुरूद-ओ-सलाम और लंगर का एहतमाम करते हैं। नबी करीम हजरत मोहम्मद ﷺ की सीरत और उनकी शिक्षाओं को याद करते हुए लोग मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का पैगाम देने का संकल्प भी लेते हैं।
1501वें आयोजन को लेकर लोगों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। बुजुर्गों के साथ युवा और बच्चे भी बड़ी संख्या में नजर आए। कई लोगों ने धार्मिक झंडे और बैनर हाथों में लेकर शिरकत की। पूरे मार्ग पर लोगों की मौजूदगी से माहौल खासा खुशनुमा रहा।
आयोजन के दौरान आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश भी देखने को मिला। जुलूस के मार्ग में आने वाले लोगों ने अपने स्तर से स्वागत और सेवा की व्यवस्था की। आयोजकों ने सभी लोगों से धार्मिक कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखने, आपसी सौहार्द कायम रखने और शांतिपूर्ण तरीके से आयोजन में शामिल होने की अपील की।
गोताखोर कर्बला पहुंचने के बाद सामूहिक रूप से दुआ की गई। इसके साथ ही 1501वें जुलूस-ए-मोहम्मदी का समापन हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने देश और समाज में अमन, खुशहाली, भाईचारे तथा आपसी सद्भाव की दुआ की।
*पंकज श्रीवास्तव ब्यूरो*




