*नई दिल्ली: 61000 मशीनों से जमा कराए ₹2904 करोड़ कैश, ED ने किया 20 राज्यों में फैले साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश*
*25 अगस्त मंगलवार 2026-27*
*नई दिल्ली:* ईडी को साइबर धोखाधड़ी की रकम को ध्वस्त करने में सफलता मिली है। एक घंटे के भीतर 400 से अधिक बैंक एकाउंट में धोखाधड़ी की रकम को ट्रांसफर करने वाले और अंतत: उसे विदेश भेजने वाले इस नेटवर्क में आरबीआई से लाइसेंस प्राप्त कई मनी चेंजर्स कंपनियां शामिल थी।
यही नहीं, जांच के दौरान इस नेटवर्क से शामिल कमोडिटी, ट्रेडिंग, ट्रेवल और फारेक्स में कई कंपनियों का पता चला, जो आपस में एक-दूसरे से जुड़ी थी। 20 राज्यों में साइबर धोखाधड़ी के 330 पीड़ितों की शिकायत और 163 एफआइआर में इस नेटवर्क से जुड़ी कंपनियों की संलिप्तता के सबूत मिले हैं।
*2904 करोड़ रुपये नकद जमा हुए:*
ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार नेटवर्क से जुड़ी कंपनियों की जांच से 27,850 करोड़ रुपये के बैंकिंग ट्रांसजेक्शन के सबूत मिले हैं। इन कंपनियों के बैंक अकाउंट में 2904 करोड़ रुपये नकद में जमा किये गए थे, जिनमें 585 करोड़ रुपये अलग-अलग स्थानों पर लगे 61,448 बल्क नोट एक्सेप्सेंटस मशीन के द्वारा जमा कराये गए थे। माना जा रहा है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल हजारों करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी की रकम को ठिकाना लगाने के लिए किया गया था। सिर्फ 330 शिकायतकर्ताओं और 163 एफआइआर में ही 417 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। इस मामले में ईडी ने रविवार को गोवा से फहीम मोइन हुसैन सैयद और नइम मुईन सैयद को गिरफ्तार किया है।
*गोवा से दो आरोपी गिरफ्तार:*
दरअसल इस नेटवर्क का खुलासा गोवा की एक महिला को पिछले साल जून में 11 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर दो करोड़ 60 लाख की साइबर ठगी की जांच से हुई। पीड़ित महिला से साइबर ठगों ने सिक्रेट सुपरविजन एकाउंट्स के नाम पर ये पैसे जमा कराए थे। जांच से पता चला कि पीड़ित महिला के एकाउंट से पैसे आते ही उसे एक घंटे के भीतर नेटवर्क से जुड़े 400 से अधिक बैंक एकाउंट में ट्रांसफर कर दिया था। कई स्थानों से इस पैसे को नकद में निकाल कर उसे फिर से नेटवर्क से जुड़े बैंक अकाउंट में जमा कराया जाता था। बाद में इसे विदेश भेज दिया जाता था। ईडी ने 17 जुलाई को गोवा और मुंबई में 20 स्थानों पर और उनमें से कुछ स्थानों पर फिर से 21 अगस्त को छापा मारा। छापे में 3.25 करोड़ रुपये नकद के साथ ही कई डिजिटल उपकरण, कंपनियों के रजिस्टर और अन्य दस्तावेज बरामद किये गए, जिनकी जांच चल रही है।




