*अजय राय के मछली भोज पर अयोध्या में विवाद, इकबाल अंसारी बोले— “सावन में मछली-मांस नहीं खाना चाहिए”*
*🛕 अयोध्या में सावन के दौरान मछली भोज पर विवाद*
अयोध्या में मछली भोज को लेकर राजनीतिक और धार्मिक विवाद बढ़ता जा रहा है।
*मामला कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से जुड़े मछली भोज के आयोजन को लेकर है।*
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद अब बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
*इकबाल अंसारी ने कहा कि सावन मास में मछली-मांस नहीं खाना चाहिए।*
उन्होंने कहा कि अयोध्या एक धार्मिक नगरी है, इसलिए यहां धार्मिक भावनाओं और परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
उनके बयान का संदेश है कि सावन के पवित्र महीने में मांसाहार से दूरी रखना उचित है, खासकर अयोध्या जैसे धार्मिक शहर में।
विवाद इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि सावन मास को भगवान शिव की आराधना का विशेष महीना माना जाता है।
इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होते हैं।
*ऐसे समय में अयोध्या में मछली भोज के आयोजन को लेकर धार्मिक भावनाओं और राजनीतिक शिष्टाचार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।*
अजय राय पर राजनीतिक दबाव बढ़ता दिख रहा है, खासकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया के बाद।
अब इकबाल अंसारी की टिप्पणी ने विवाद को एक अलग आयाम दे दिया है—क्योंकि यह प्रतिक्रिया अयोध्या की धार्मिक पहचान और स्थानीय परंपराओं के संदर्भ में आई है।
मुख्य सवाल:* क्या धार्मिक नगरी में सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करते समय स्थानीय धार्मिक भावनाओं और त्योहारों की संवेदनशीलता का ध्यान नहीं रखा जाना चाहिए?
*राजनीति अपनी जगह है, लेकिन धार्मिक आस्था और स्थानीय परंपराओं का सम्मान सभी की जिम्मेदारी है।*




