वाहन टैगिंग व गेट पास की समय सीमा के विरोध में 200 से अधिक व्यापारियों ने ईमेल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा
कानपुर। भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र के नेतृत्व में* नौबस्ता गल्लामंडी ,चकरपुर सब्जी मंडी, नयागंज किराना बाजार, टिम्बर उद्योग व्यापार मंडल, दाल मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी और व्यापारी उ प्र में जियोटैग ऐप द्वारा वाहन टैगिंग व्यवस्था, प्रयोग के तौर पर लागू होने के दौरान प्रदेश के 451 व्यापारियों उद्यमियों को जारी नोटिसों, गेट पास की समय-सीमा संबंधी नियमों, प्रोपराइटरशिप फर्मों को पार्टनरशिप में परिवर्तित करने के जटिल प्रावधानों को वापस लेने सहित मंडी व्यवस्था से संबंधित अन्य समस्याओं के निराकरण को लेकर टिंबर बाजार कोपरगंज में 200 से अधिक व्यापारियों ने 8 सूत्रीय ज्ञापन मुख्यमंत्री को ईमेल के माध्यम से भेजकर सड़क पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया और काफी देर तक नारे लगाएं |
धरना प्रदर्शन के दौरान *भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने संबोधित करते हुए कहा कि* राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश में कृषि उत्पाद के व्यापार में ऑनलाइन व्यवस्था पहले से ही प्रभावी रूप से संचालित है ऐसी स्थिति में दिनांक 01 जुलाई 2026 से जियोटैग ऐप के माध्यम से वाहन लोडिंग एवं अनलोडिंग के समय वाहन टैगिंग की एक अतिरिक्त समानांतर ऑनलाइन व्यवस्था लागू कर दी गई है। यह व्यवस्था “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” की भावना के विपरीत है तथा व्यापारियों, उद्यमियों एवं किसानों के लिए अनेक व्यावहारिक कठिनाइयाँ उत्पन्न कर रही है।
प्रदेश में लगभग 251 गल्ला एवं सब्जी मंडियाँ हैं जिनमें अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं। इन क्षेत्रों के अनेक व्यापारी तकनीकी संसाधनों एवं डिजिटल दक्षता के अभाव में इस व्यवस्था का सुचारु रूप से पालन नहीं कर पा रहे हैं। परिणामस्वरूप व्यापारिक गतिविधियाँ प्रभावित हो रही हैं तथा कृषि उपज के विपणन में बाधाएँ उत्पन्न हो रही हैं। इसका प्रतिकूल प्रभाव किसानों पर भी पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें अपने उत्पाद के विपणन एवं बिक्री में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
यह वाहन टैगिंग व्यवस्था जुलाई व अगस्त दो माह के लिए प्रयोग के तौर पर लागू की गई थी, लेकिन इस दौरान राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद द्वारा दूसरे प्रदेश से उत्तर प्रदेश में कृषि उत्पाद मंगाने पर वाहन टैगिंग करने में तकनीकी अथवा मानवीय त्रुटि होने पर प्रदेश में 451 व्यापारियों उद्यमियों पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया जा रहा है इससे व्यापारियों एवं उद्यमियों के उत्पीड़न की आशंका भी बढ़ गई है।
आगे कहा कि गल्ला मंडियों से अन्य जनपदों के लिए भेजे जाने वाले छोटे वाहनों में प्रायः कम मात्रा में माल भेजा जाता है। ऐसे वाहन ट्रांसपोर्ट नगर पहुँचकर अन्य बड़े वाहनों में माल स्थानांतरित करते हैं। ऐसी परिस्थितियों में पुनः वाहन टैगिंग कर पाना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं होता, जिसके कारण कृषि उत्पादों के परिवहन एवं बिक्री की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
यह भी कहा कि मंडियों से एक जनपद से दूसरे जनपद तक कृषि उत्पाद के परिवहन हेतु जारी गेट पास की समय-सीमा अत्यंत कम एवं अव्यावहारिक निर्धारित की गई है। अनेक मामलों में केवल समय-सीमा समाप्त होने के आधार पर व्यापारियों एवं उद्यमियों पर समनशुल्क के नाम पर दंडात्मक कार्यवाही की जा रही है जबकि ऐसी परिस्थितियों में मंडी शुल्क चोरी की कोई संभावना नहीं होती। अतः यह व्यवस्था न्यायसंगत एवं व्यवहारिक नहीं है।
इसलिए वाहन टैगिंग व्यवस्था को वापस लेने के साथ साथ व्यापारी उद्यमियों को जारी की गई नोटिसें भी वापस ली जाए और गेट पास की समय सीमा को तत्काल समाप्त किया जाए|
इस दौरान *भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे व जिला वरिष्ठ महामंत्री मनीष गुप्ता सलोने ने कहा कि* कृषि उत्पाद के व्यापार व उद्योग ने वाहन टैगिंग व गेटपास की समय सीमा कम होने के कारण व्यापारियों और उद्यमियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है, इसलिए इस व्यवस्था को तत्काल वापस लिया जाए और मंडी समितियों में नए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया भी अत्यधिक जटिल एवं समय लेने वाली हो गई है। इससे व्यापारियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और जीएसटी प्रणाली की तर्ज पर लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाना तथा गारंटर की अनिवार्यता समाप्त करते हुए आवश्यक प्रपत्रों की संख्या कम किया जाना आवश्यक है।
धरना प्रदर्शन के दौरान *भारतीय कृषि उत्पाद उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष अनुराग जायसवाल ने कहा कि* विदेशों से आयातित दलहन एवं अन्य कृषि उत्पाद बंदरगाहों के माध्यम से प्रदेश में आते हैं। बंदरगाहों पर कार्यरत कर्मचारी इस व्यवस्था का पालन नहीं कर पाएंगे, जिससे दाल दलहन व्यापार तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है और दूसरे प्रदेशों में ही प्री राइवल स्लिप और वाहन टैगिंग करने के दौरान छोटी सी त्रुटि होने के कारण ही व्यापारियों को नोटिस जारी किए गए हैं , इन नोटिस को वापस लेने सहित इस वाहन टैगिंग व्यवस्था को पूरे प्रदेश से तत्काल रूप से वापस लिया जाए |
आगे कहा कि गत वर्ष मंडी परिषद द्वारा प्रोपराइटरशिप फर्मों को पार्टनरशिप फर्म में परिवर्तित करने हेतु नए प्रावधान लागू किए गए, जिनके अंतर्गत नए पार्टनर को मंडी में मूल आवंटी की श्रेणी की दुकान की अधिकतम बोली राशि का 51 प्रतिशत जमा करना अनिवार्य किया गया है। यह शर्त अत्यंत जटिल एवं अव्यावहारिक है। अन्य कठिन शर्तों के कारण आज तक प्रदेश में किसी भी प्रोपराइटरशिप फर्म द्वारा पार्टनरशिप में परिवर्तन हेतु आवेदन नहीं किया जा सका है।
इस दौरान *टिम्बर उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत शर्मा, प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री अतहरुद्दीन, प्रदेश महामंत्री मयंकदीप सिंह व कोषाध्यक्ष अतुल ओमर ने कहा कि* टिम्बर के कारोबार में मंडी शुल्क लगाया जाना का हम लोग पहले से विरोध कर रहे थे और ऐसे में वाहन टैगिंग और गेटपास की समय सीमा ने हमारे टिम्बर व्यापार को पूरी तरह से चौपट कर दिया है, इसलिए कम से कम वाहन टैगिंग व गेटपास की समयसीमा की व्यवस्था को समाप्त किया जाए |
*भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के युवा जिलाध्यक्ष आशीष मिश्र व जिला संयुक्त महामंत्री केके गुप्ता ने कहा कि* राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद द्वारा गत वर्ष कच्चे चना एवं भुना चना को एक समान मानते हुए भुना चना पर भी मंडी शुल्क लागू कर दिया गया है, जबकि भुना चना पूर्णतः रेडी-टू-ईट खाद्य उत्पाद है तथा उसका स्वरूप एवं उपयोग कच्चे चने से पूर्णतः भिन्न है। अतः इस पर मंडी शुल्क लगाया जाना तर्कसंगत नहीं है।
आगे कहा कि प्रदेश की सभी गल्ला एवं सब्जी मंडियों में प्रत्येक वर्ष 5 प्रतिशत किराया वृद्धि की जा रही है, जिसके कारण व्यापारियों पर अनावश्यक आर्थिक भार बढ़ता जा रहा है। मंडी अधिनियम की मूल भावना के अनुरूप इस वार्षिक किराया वृद्धि पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
धरना प्रदर्शन के दौरान प्रमुख रूप से भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे ,जिला वरिष्ठ महामंत्री मनीष गुप्ता सलोने व युवा जिलाध्यक्ष आशीष मिश्र , टिम्बर उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत शर्मा, प्रदेश महामंत्री मयंकदीप सिंह, प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री अतहरुद्दीन व कोषाध्यक्ष अतुल ओमर, कृषि उत्पाद उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष अनुराग जायसवाल , भा उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिला संयुक्त महामंत्री व दाल मिलर्स एसोसिएशन के केके गुप्ता, जिला युवा महामंत्री मनोज विश्वकर्मा , जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अब्दुल वहीद व इखलाक मिर्ज़ा, पवन गुप्ता, रतन सिंह राजू,कुंदन शर्मा, हरीश रामचंदानी , केसी मुलानी,भूपिंदर सिंह राजा , मनीष वंशदानी ,आशीष गोयल ,नितिन टेकवानी, अनुज त्रिपाठी , प्रकाश दुसेजा, मनोज वाधवानी, सुरेंद्र जायसवाल,अश्विनी गुप्ता ,राहुल शर्मा , अब्दुल जब्बार , शुभम शर्मा आदि थे |




