14 वर्षों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे 40 से अधिक पीड़ित परिवारों में पुलिस आयुक्त के आश्वासन से जगी नई उम्मीद
कानपुर नगर | *
“माफिया गजेन्द्र सिंह नेगी मुक्ति मोर्चा” के सदस्यों तथा स्वयं को वर्षों से पीड़ित बताने वाले परिवारों के प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त रूप से कानपुर नगर के पुलिस आयुक्त से मुलाकात की और अपनी समस्याओं, लंबित मामलों तथा लगातार की जा रही शिकायतों के संबंध में विस्तार से अपनी बात रखी।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त को बताया कि उनके अनुसार पिछले लगभग 14 वर्षों से अनेक परिवार न्यायालयों और पुलिस थानों के चक्कर लगा रहे हैं। सदस्यों का कहना था कि गजेन्द्र सिंह नेगी द्वारा विभिन्न व्यक्तियों के विरुद्ध बार-बार प्रार्थना-पत्र, मुकदमे और प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं, जिनसे कई परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रभावित हुए हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में बड़ी संख्या में लोगों के नाम शामिल किए गए, बार-बार बयान बदले गए तथा मीडिया, पुलिस, न्यायालय और शासन के समक्ष अलग-अलग तथ्य प्रस्तुत किए गए, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। सदस्यों ने कहा कि इस प्रक्रिया का उपयोग कथित रूप से पीड़ित लोगों पर दबाव बनाने और उन्हें अपने मामलों की पैरवी करने से रोकने के लिए किया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त से अनुरोध किया कि सभी शिकायतों और मुकदमों की निष्पक्ष, तथ्यपरक और साक्ष्य-आधारित जांच कराई जाए, दोनों पक्षों को समान रूप से सुना जाए तथा किसी भी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित न किया जाए।
पुलिस आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल की बात धैर्यपूर्वक सुनी और सभी को कानून तथा न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखने की सलाह दी। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रत्येक प्रकरण में कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि पुलिस आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले का शांतिपूर्ण और विधिसम्मत समाधान खोजने का प्रयास करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि जिन लोगों का वास्तविक धन लेन-देन है, उन्हें विधिक प्रक्रिया के अनुसार न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
आज की मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि 14 वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे 40 से अधिक प्रभावित परिवारों में न्याय व्यवस्था के प्रति नया विश्वास जगा है। सदस्यों ने पुलिस आयुक्त द्वारा सभी की बात गंभीरता से सुनने और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
प्रतिनिधिमंडल की ओर से कहा गया कि उनकी केवल एक ही मांग है—सभी मामलों की निष्पक्ष जांच हो, दोनों पक्षों को समान अवसर दिया जाए और निर्णय केवल उपलब्ध साक्ष्यों तथा कानून के आधार पर किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल में डॉ. अमित कटियार, डॉ. साधना सचान, डॉ. अनुभव सचान, आर्किटेक्ट ललित अग्रवाल, मधु लता, ललित कुमार पाण्डेय, गुरुचरण सिंह, साक्षी सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रतिमा गुप्ता, अधिवक्ता शिशिर दीवान, मनीष कटियार, कार्तिक पाण्डेय, अधिवक्ता आशीष दीवान, अरुण कुमार अवस्थी सहित अन्य संबंधित एवं प्रभावित लोग शामिल रहे।
हरि ओम की रिपोर्ट
14 वर्षों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे 40 से अधिक पीड़ित परिवारों में पुलिस आयुक्त के आश्वासन से जगी नई उम्मीद कानपुर नगर | *
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