मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के जन्मदिवस पर देश के बौद्धिक जगत ने किया परिचर्चा का आयोजन।
नई दिल्ली।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के जन्मदिवस के पावन अवसर पर वर्चुअल माध्यम (ज़ूम)से देश के बुद्धिजीवियों द्वारा एक भव्य परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस परिचर्चा का मुख्य विषय ‘योगी के नेतृत्व में नया उत्तर प्रदेश’ रहा, जिसमें राज्य के अभूतपूर्व विकास,सुदृढ़ कानून व्यवस्था और महिला कल्याण की योजनाएँ जैसी जन-कल्याणकारी नीतियों के माध्यम से आ रहे सामाजिक बदलावों पर विचार विमर्श किया गया।
कार्यक्रम की संयोजक जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), नई दिल्ली की प्रो. पूनम कुमारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे चतुर्दिक विकास की बात की। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि किस प्रकार राज्य में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, व्यापक महिला शिक्षा और सुलभ रोजगार के अवसरों ने आधी आबादी का सशक्तिकरण कर उनके जीवन में एक युगांतरकारी सकारात्मक परिवर्तन का सूत्रपात किया है।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन में उत्तर प्रदेश सुदृढ़,सुरक्षित और प्रगतिशील ‘नया उत्तर प्रदेश’ बन चुका है।आज उत्तर प्रदेश विकसित प्रदेश बनने की ओर आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भारतीय जनता पार्टी,उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ प्रवक्ता एस.एन. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर निकलकर विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है।उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की डबल इंजन नीति और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विज़न को रेखांकित किया।
विशेष वक्ता के रूप में बेंगलुरु से जुड़े टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स के इंजीनियर मैनेजर संजीव निश्टल ने राज्य में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के तेजी से हो रहे विकास,नए एक्सप्रेस-वे और औद्योगिक कॉरिडोर के द्वारा हो रहे आर्थिक परिवर्तन पर अपने विचार साझा किए।
मुंबई से जुड़े कमर्शियल टेक्निकल कंसल्टिंग एलएलपी के प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार अखौरी ने उत्तर प्रदेश में ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’तकनीकी प्रगति और बढ़ते निवेश के अवसरों पर प्रकाश डाला।उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था में व्यापक सुधार और जीरो टॉलरेंस नीति के कारण जघन्य अपराधों में भारी कमी आई है।
कुलदीप उपाध्याय, अंजलि और धीरज आदि युवा वक्ताओं ने उत्तर प्रदेश में जमीनी स्तर पर हो रहे परिवर्तनों की चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री जी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हुए धन्यवाद ज्ञापन के साथ परिचर्चा का समापन हुआ। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. शिवानी सक्सेना द्वारा किया गया।सार्थक विमर्श के साथ संपन्न हुए वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस परिचर्चा कार्यक्रम में जेएनयू, दिल्ली विश्वविद्यालय, बीएचयू,वाराणसी समेत देश भर के शिक्षाविदों बुद्धिजीवियों,शोधार्थियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने हिस्सा लिया।




