* *माँ शक्ति योग साधना केंद्र में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश, योगार्थियों ने रोपे 75 औषधीय पौधे*

*विश्व पर्यावरण दिवस पर योग के साथ प्रकृति की आराधना, डॉ. राजेश सिंह के सानिध्य में हुआ वृहद वृक्षारोपण*
*75 औषधीय और छायादार पौधों से महकी साधना स्थली**
उन्नाव/शक्तिपुरम (तहसील रोड)
माँ शक्ति योग साधना केंद्र (साधना स्थली, शक्तिपुरम) में चल रहे 30 दिवसीय निःशुल्क योग प्रशिक्षण शिविर के दौरान आज ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ के पावन अवसर पर एक विशेष उत्सव का माहौल देखने को मिला। इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन की उत्तर प्रदेश शाखा के अध्यक्ष डॉ. राजेश सिंह और योग प्रशिक्षिका डॉ प्रीती गुप्ता के कुशल निर्देशन में योग की विधाएँ सीख रहे योगार्थियों ने न केवल योग की बारीकियों को सीखा, बल्कि प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए आज पर्यावरण दिवस पर एक वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाया। शिविर के दौरान पर्यावरण की शुद्धता और जन-स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लगभग 75 छायादार और औषधीय पौधे लगाए गए। इस अभियान के तहत मुख्य रूप से पर्यावरण के त्रिमूर्ति माने जाने वाले **पीपल, बरगद और नीम** के पौधों का रोपण किया गया, जो वातावरण में सर्वाधिक ऑक्सीजन प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं। इस अवसर पर योगार्थियों और उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हुए डॉ राजेश सिंह ने कहा कि “योग और प्रकृति का अटूट संबंध है। स्वस्थ शरीर के लिए जितनी आवश्यकता प्राणायाम की है, उतनी ही शुद्ध प्राणवायु (ऑक्सीजन) के लिए हमें पेड़ों की भी जरूरत है। आज रोपा गया हर एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वास्थ्य का उपहार है।”
गौरतलब है कि आगामी 21 जून (अंतरराष्ट्रीय योग दिवस) को लेकर केंद्र में बीती 10 मई से 30 दिवसीय निःशुल्क योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में रोज़ाना काफी संख्या में बच्चे एवं अलग अलग आयुवर्ग के महिला व पुरुष आकर योग और प्राणायाम के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। सायंकालीन सत्र में बच्चे योग के साथ साथ चेस, बैडमिंटन, वॉलीबॉल और फुटबॉल का अभ्यास भी करते हैं । आज के इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में सभी योगार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और रोपे गए पौधों की सुरक्षा व नियमित सिंचाई का संकल्प भी लिया।
इस अवसर पर योग साधना केंद्र के समस्त योग प्रशिक्षक और प्रबुद्ध नागरिको सहित डॉ.कल्पना त्रिवेदी, प्रिया सिंह, अंजू त्रिपाठी, नीलमणि सिंह, महिमा शुक्ला, अमित कुमार यादव, धर्मेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, आलोक शर्मा, अनन्या तिवारी, शुभम और चंद्रा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
भवदीय
डॉ राजेश सिंह
(योग शिविर निदेशक)




