संतुलित उर्वरक उपयोग हेतु यूपी में विशेष अभियान अटारी कानपुर ने बनाई रणनीति
कानपुर नगर , अटारी, कानपुर के निदेशक डॉ. राघवेंद्र सिंह ने उत्तर प्रदेश में उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में डा. एन.के. बाजपेई, निदेशक प्रसार, बांदा कृषि एवं. प्रौ. विवि. बांदा; डा. आर.बी. सिंह, निदेशक प्रसार, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौ. विवि. अयोध्या; डा. वी.के. त्रिपाठी, निदेशक प्रसार च.शे.आ. कृ. एवं पौ. विवि. कानपुर एवं. डा. सतेन्द्र कुमार, निदेशक प्रसार, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं. प्रौ. विवि. मेरठ ने प्रतिभाग किया। साथ ही उत्तर प्रदेश के समस्त कृषि विज्ञान केन्द्रों के अध्यक्षों ने बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर के इस विशेष अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए रणनीति तैयार करना था।
डॉ. राघवेंद्र सिंह ने बताया कि अभियान का मुख्य लक्ष्य उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग को कम करना है। अटारी कानपुर को पूरे प्रदेश में इस अभियान के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। बैठक में मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया ताकि किसान मिट्टी की आवश्यकतानुसार ही पोषक तत्वों का प्रयोग करें।वैकल्पिक पोषक स्रोतों के लिए कृषि विज्ञान केन्द्रों को ढैंचा और सनहेम्प जैसी हरी खाद की फसलों के प्रदर्शन करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, जैव उर्वरक के रूप में ‘एजोला’ उत्पादन इकाइयों की स्थापना और हरी खाद के गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन हेतु प्रक्षेत्र चिह्नित करने पर भी चर्चा हुई। अंत में, डॉ. राघवेंद्र सिंह ने कहा कि किसान गोष्ठियों, फील्ड डे, प्रशिक्षण एवं प्रक्षेत्र प्रदर्शन कार्यक्रमों के माध्यम से इस जागरूकता को जमीनी स्तर तक पहुँचाया जाएगा। उन्होंने उन केन्द्रों की सराहना की जिन्होंने पहले ही कार्य शुरू कर दिया है, और कहा कि टिकाऊ खेती के लिए केवीके की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
संतुलित उर्वरक उपयोग हेतु यूपी में विशेष अभियान अटारी कानपुर ने बनाई रणनीति
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