*उन्नाव के पूर्व सांसद देवीबक्श सिंह का निधन, कानपुर में 85 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस।*
पंकज श्रीवास्तव ब्यूरो
खबर उन्नाव से है जहां उन्नाव के पूर्व सांसद और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता देवीबक्श सिंह का सोमवार को 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने कानपुर के एक निजी नर्सिंग होम में दोपहर लगभग 12 बजे अंतिम सांस ली। वे पिछले तीन दिनों से निमोनिया से पीड़ित थे और सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन की खबर से उन्नाव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। देवीबक्श सिंह ने राजनीति में एक लंबा सफर तय किया। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत ग्राम प्रधानी से की थी। वे बीघापुर तहसील के ग्राम करमी गढ़ेवा के प्रधान रहे। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वर्ष 1991 में वे पहली बार उन्नाव लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। इसके बाद उन्होंने 1996 और 1998 में भी लगातार जीत दर्ज की। इस प्रकार, वे 1991 से 1999 तक कुल तीन बार लोकसभा सांसद रहे।
बता दे कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कुल पांच बार लोकसभा चुनाव लड़ा। हालांकि, उन्हें राजनीतिक जीवन में हार का भी सामना करना पड़ा। वर्ष 1989 में उन्होंने प्रथम नगर पालिका गंगाघाट के चेयरमैन का चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें रामशंकर पाल से पराजय मिली। इसके बाद, 1999 के लोकसभा चुनाव में वे समाजवादी पार्टी के दीपक कुमार से और 2004 में बहुजन समाज पार्टी के ब्रजेश पाठक से हार गए थे। परिजनों के अनुसार, देवीबक्श सिंह का पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी से गहरा लगाव था। वे अटल जी की विचारधारा से प्रभावित थे और उनके साथ कई कार्यक्रमों में शामिल हुए। स्वजनों ने बताया कि एक बार जब अटल बिहारी वाजपेयी शुक्लागंज आए थे, तो वे देवीबक्श सिंह को अपने साथ कानपुर के फूलबाग मैदान में आयोजित जनसभा में ले गए थे। पूर्व सांसद के निधन से उन्नाव की राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है। भाजपा नेताओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।




