बिकरू कांड के पांच साल बाद मीडिया के सामने आईं ऋचा दुबे, खुशी दुबे पर लगाए गंभीर आरोप
डिस्ट्रिक हेड | राहुल द्विवेदी
कानपुर के बहुचर्चित बिकरू कांड से जुड़ी एक अहम कड़ी सामने आई है। वर्ष 2020 में हुए बिकरू कांड के बाद पहली बार कुख्यात विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे मीडिया के सामने आईं। उन्होंने बिकरू कांड में मारे गए अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे पर गंभीर आरोप लगाए और उनके बयानों को झूठा बताया।
शनिवार दोपहर सिविल लाइंस स्थित एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ऋचा दुबे ने कहा कि खुशी दुबे झूठ बोल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि खुशी ने अपनी मर्जी से अमर दुबे से शादी की थी, न तो विकास दुबे ने उस पर कोई दबाव बनाया और न ही अगवा कर शादी करवाई गई थी।
ऋचा दुबे ने कहा कि खुशी दुबे उनके परिवार पर लगातार कीचड़ उछाल रही हैं, जिसे वह बर्दाश्त नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि अब उनके ऊपर बड़े परिवार की जिम्मेदारी है और बिकरू कांड के बाद से उनका पूरा परिवार सामाजिक और कानूनी दंश झेल रहा है।
ऋचा दुबे ने यह भी आरोप लगाया कि खुद को खुशी दुबे बताने वाली महिला का असली नाम खुशी तिवारी या खुशी ठाकुर है और वह किसी “मास्टरमाइंड” के इशारे पर बयानबाजी कर रही है। उन्होंने दावा किया कि अमर दुबे से शादी से पहले खुशी की एक और शादी हो चुकी थी और उसके पहले पति का नाम अतुल ठाकुर था।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विकास दुबे, अमर दुबे के चाचा नहीं बल्कि बाबा (दादा) थे।
ऋचा दुबे ने कहा कि यदि उन्हें जरा भी भनक होती, तो 2 जुलाई 2020 को हुआ बिकरू कांड नहीं होता। उन्होंने इस घटना को अशोभनीय और निंदनीय बताते हुए कहा कि आज भी उनका परिवार जांच और कानूनी प्रक्रियाओं से गुजर रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि विकास दुबे पर बनने वाली फिल्म के खिलाफ हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है, क्योंकि फिल्म के कथानक में वास्तविक घटनाओं को तोड़-मरोड़ कर दिखाया जा रहा है।
पति की मौत के बाद रिचा और खुशी दुबे ने बनाई बिकरू गांव से दूरी
गौरतलब है कि चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में 2 जुलाई 2020 की रात कुख्यात विकास दुबे और उसके गुर्गों ने सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद से बिकरू गांव लगातार सुर्खियों में है।
बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के भतीजे अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे की समाजवादी पार्टी से बढ़ती नजदीकियां इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इसी को लेकर ऋचा दुबे का यह बयान सामने आया है।
हालांकि बिकरू कांड के बाद ऋचा और खुशी—दोनों को ही कभी बिकरू गांव में नहीं देखा गया, लेकिन वे किसी न किसी माध्यम से अपने नजदीकी लोगों से संपर्क में बनी रहीं।
बीते दिनों खुशी दुबे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने सपा मुखिया अखिलेश यादव द्वारा उनकी मां गायत्री तिवारी के इलाज का खर्च उठाने पर आभार जताया था। इस वीडियो में सपा के कई नेता भी नजर आए थे। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती।
उल्लेखनीय है कि बिकरू कांड के तीन दिन बाद, 7 जुलाई 2020 को अमर दुबे को हमीरपुर के मौदहा में एटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ में मार गिराया था। सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में ऋचा और खुशी—दोनों लखनऊ में रह रही हैं।
विधानसभा और पंचायत चुनावों की सरगर्मी के बीच बिकरू कांड से जुड़े चेहरों की सक्रियता और राजनीतिक जुड़ाव को लेकर बिल्हौर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हो गई हैं।




