जिलाधिकारी ने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा
— लगभग एक हजार परिवार आंशिक रूप से प्रभावित, जिन्हें राहत सामग्री का किया गया वितर
— प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
कानपुर नगर, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने पांडु नदी से सटे जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अंबेडकर नगर, पिपौरी सहित आसपास की बस्तियों में स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। अंबेडकर नगर में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह एवं विधायक सुरेंद्र मैथानी ने जलभराव प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री की किट वितरित की। अब तक करीब 500 प्रभावित परिवारों को राहत किट उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक आकलन के अनुसार पांडु नदी से सटे निचले इलाकों में करीब एक हजार परिवार आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। ग्राम गुजैनी के मायापुरम व रविदासपुरम, पिपौरी, मर्दनपुर, मेहरबान सिंह का पुरवा, ग्राम जरौली के गोपाल नगर, वरुण विहार, बर्रा, पनका और बहादुर नगर क्षेत्र में जलभराव हुआ है। जलभराव मुख्य रूप से पांडु नदी के कैचमेंट एरिया में हुई बसावट वाले क्षेत्रों में है।
पिपौरी में एनडीआरएफ की टीम तैनात है और स्थानीय लोगों की सहायता कर रही है। एनडीआरएफ के अधिकारियों के अनुसार गांव की ओर जाने वाले मार्ग पर करीब एक से डेढ़ फुट पानी है, जो अब धीरे-धीरे नीचे उतर रहा है। टीम मौके पर मौजूद रहकर जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन की ओर से कम्युनिटी किचन का संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से प्रतिदिन करीब 400 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि जो प्रभावित परिवार राहत शिविरों में न आकर अभी भी अपने घरों में आसरा लिए हुए हैं, उन्हें भी राहत किट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे परिवारों को चिह्नित कर उनके घरों तक राहत किट पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये
जिलाधिकारी ने बताया कि गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर फिलहाल चेतावनी बिंदु से नीचे है और इन नदियों को लेकर कोई विशेष समस्या नहीं है। पांडु एक मौसमी नदी है और इसके जलस्तर में वृद्धि के कारण आसपास के निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन से संपर्क करने की अपील की।




