*विधानसभा अध्यक्ष महाना प्रधानाचार्य परिषद अधिवेशन में, उन्नाव में बोले- शिक्षा, संस्कार से भारत फिर रहेगा विश्वगुरु*
उन्नाव। उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद का 46वां प्रांतीय अधिवेशन, शैक्षिक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह शनिवार शाम को एसवीएम स्कूल, पूरन नगर में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विद्यालय परिसर पहुंचने पर वेणु रंजन भदौरिया ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर प्रदेशभर से प्रधानाचार्य और शिक्षक उपस्थित रहे। बता दे कि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद का उद्देश्य शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को एक मंच पर लाना है। इससे वे शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी अपनी चिंताओं, सुझावों और मांगों को सरकार के समक्ष रख सकें। उन्होंने सरकार के साथ संवाद के माध्यम से सकारात्मक निष्कर्ष निकालने पर जोर दिया, जिससे प्रधानाचार्यों, संस्थानों और विद्यार्थियों का हित सुनिश्चित हो सके। महाना ने शिक्षकों के बीच उपस्थित होने को अपना सौभाग्य बताया और उन्हें ‘गैलेक्सी ऑफ टीचर्स’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि समाज में कहीं भी जाने पर कुछ सीखने का उद्देश्य होता है। शिक्षा, संस्कार, समर्पण, संस्कृति और सेवा की भावना से कार्य करने पर समाज निश्चित रूप से प्रगति करेगा। उन्होंने आगे कहा कि भारत एक समय शिक्षा, संस्कार, ज्ञान, विज्ञान, धन, वैभव और संपदा के क्षेत्र में विश्वगुरु था। इस प्रकार के सम्मेलन समाज को उसी दिशा में दोबारा आगे बढ़ने का संदेश दे सकते हैं। महाना ने यह भी कहा कि बच्चों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन उन्हें अपनी बात संस्कार और मर्यादा के भीतर दृढ़ता एवं विश्वास के साथ रखनी चाहिए, ताकि विषयों को बातचीत से सुलझाया जा सके। कार्यक्रम के दौरान, विधानसभा अध्यक्ष ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े एक प्रश्न पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि श्री राम जन्मभूमि आंदोलन में करोड़ों लोग शामिल थे और यह मंदिर सैकड़ों वर्षों के संघर्ष तथा अनेक लोगों के बलिदान के बाद निर्मित हुआ है।
*अस्तित्व कुशवाहा उन्नाव संवाददाता*




