*अब बच्चे नहीं लगाएंगे झाड़ू।*डीपीआरओ की पहल पर सफाई कर्मियों को मिली जिम्मेदारी,बीएसए ने किया औचक निरीक्षण; अनुपस्थित शिक्षकों पर होगी कार्रवाई*
उन्नाव। जिले के परिषदीय विद्यालयों में अब बच्चों से साफ-सफाई कराने की व्यवस्था पर रोक लगाने की कवायद तेज हो गई है। जिला पंचायत राज अधिकारी श्रीकांत यादव की पहल पर ग्राम पंचायतों में तैनात सफाई कर्मियों को परिषदीय विद्यालयों की नियमित साफ-सफाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं बेसिक शिक्षा विभाग ने भी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था और शिक्षकों की उपस्थिति की निगरानी बढ़ा दी है।
इसी क्रम में बीएसए शैलेश कुमार पांडेय ने जिले के कई परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालयों में पहुंचकर प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया और बच्चों से पढ़ाई को लेकर संवाद किया। इस दौरान शिक्षकों की उपस्थिति, पठन-पाठन, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की भी पड़ताल की गई।
*टिकर गढ़ी में अनुपस्थित मिले शिक्षक*
टिकर गढ़ी विद्यालय के निरीक्षण के दौरान कुछ शिक्षक अनुपस्थित मिले। बीएसए ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की समय से उपस्थिति और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।
*अब बच्चों के हाथ में नहीं होगी झाड़ू*
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों से झाड़ू लगवाने और सफाई कराने की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। कई बार ऐसे वीडियो भी सामने आए, जिनमें बच्चे स्कूल परिसर में सफाई करते दिखाई दिए।
इसे रोकने के लिए डीपीआरओ श्रीकांत यादव ने ग्राम पंचायतों में तैनात सफाई कर्मियों को विद्यालयों की सफाई की जिम्मेदारी देने की पहल की है। सफाई कर्मी विद्यालय परिसर, कक्षों के आसपास, छत और अन्य स्थानों की नियमित सफाई सुनिश्चित करेंगे। इससे बच्चों को स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलने की उम्मीद है।
*स्कूल तक पहुंचने का रास्ता भी होगा सुगम*
विद्यालयों की सफाई व्यवस्था के साथ छात्र-छात्राओं के स्कूल पहुंचने के रास्ते को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उद्देश्य है कि बच्चों को विद्यालय आने-जाने में किसी तरह की परेशानी न हो।
*निरीक्षण से लापरवाही पर कसेगा शिकंजा*
बीएसए के लगातार औचक निरीक्षण से शिक्षकों और कर्मचारियों में भी सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। विभाग की ओर से साफ-सफाई, शिक्षक उपस्थिति और पठन-पाठन व्यवस्था समेत सभी बिंदुओं पर निगरानी की जा रही है।
डीपीआरओ की स्वच्छता पहल और बीएसए के औचक निरीक्षण से परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद जगी है। अब इन प्रयासों को नियमित रूप से धरातल पर लागू करना विभाग के सामने बड़ी जिम्मेदारी होगी।
*अस्तित्व कुशवाहा उन्नाव संवाददाता*




