कानपुर कमिश्नरेट कार्यालय में पत्रकार से मारपीट का आरोप, मुख्यमंत्री व पुलिस कमिश्नर से कार्रवाई की मांग
*डिस्ट्रिक हेड राहुल द्विवेदी*
कानपुर। आईटीबीपी (Indo-Tibetan Border Police) जवान मामले की कवरेज के दौरान एक पत्रकार के साथ अभद्रता और मारपीट का मामला सामने आया है।
स्ट्रॉन्ग भारत न्यूज़ के चीफ एडिटर राजेंद्र केसरवानी ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस कमिश्नर कानपुर को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
राजेंद्र केसरवानी का आरोप है कि वह बीते दिनों से आईटीबीपी जवान मामले की लगातार कवरेज कर रहे हैं और इसी क्रम में 23 मई 2026 को लगभग दोपहर 3 बजे पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय पहुंचे थे।
इसी दौरान कथित पत्रकार तासिफ खान निवासी कुलीबाजार और विक्रम सिंह उर्फ गोलू निवासी परमट समेत 4 से 5 अज्ञात लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और मारपीट की।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विवाद समाचार की माइक आईडी लगाने को लेकर हुआ और आरोपियों ने कवरेज करने से भी रोका। पीड़ित पत्रकार का कहना है कि पूरी घटना पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के सामने हुई,
इसके बावजूद आरोपियों में कानून का कोई भय नहीं दिखा।
राजेंद्र केसरवानी ने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग पत्रकारिता की आड़ में आपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं, जिससे पत्रकारिता जैसे पवित्र पेशे की छवि खराब हो रही है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में उनके या उनके कैमरामैन आर.के. सिंह के साथ कोई भी अप्रिय घटना होती है तो उक्त लोगों को जांच के दायरे में रखा जाए।
कृष्णा हॉस्पिटल के गुर्गे भी हो सकते हैं पत्रकारिता की आड़ में, जांच की मांग
उन्होंने बताया कि वह लगातार आइटीबीपी जवान के इलाज में लापरवाही मामले में कृष्णा हॉस्पिटल से साठगांठ करके कुछ पैसे लेकर खबर को रोकने की कोशिश करने की भी साजिश हो सकती है पुलिस कमिश्नर मांग करता हूं कि मोबाइल कॉल रिकॉर्ड चेक करें जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके ।




