*आशा देवी मंदिर विवाद: साधु-संतों का कल्याणपुर थाने में हंगामा, निष्पक्ष जांच की मांग*

*डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी*
कानपुर। कल्याणपुर थाना क्षेत्र स्थित आशा देवी मंदिर परिसर में अवैध कब्जे को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में केडीए (कानपुर विकास प्राधिकरण) द्वारा मंदिर के महंत आशुतोष गिरी सहित छह अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद साधु-संतों में आक्रोश फैल गया है।
बताया जा रहा है कि आशा देवी मंदिर परिसर में कुछ निर्माण और कब्जे को लेकर केडीए की ओर से कार्रवाई की गई थी। इसके बाद प्राधिकरण के अधिकारियों ने महंत आशुतोष गिरी व अन्य के खिलाफ कल्याणपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इस कार्रवाई के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में साधु-संत कल्याणपुर थाने पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन किया।
थाने में पहुंचे साधु-संतों ने आरोप लगाया कि केडीए के कुछ अधिकारी दबाव में आकर मंदिर और सनातन धर्म से जुड़े लोगों को निशाना बना रहे हैं। उनका कहना था कि अगर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई करनी है तो उसे निष्पक्ष तरीके से किया जाना चाहिए, न कि किसी विशेष धार्मिक स्थल को लक्ष्य बनाकर।
स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब एक दर्जन से अधिक साधु-संतों ने थाने में जोरदार हंगामा किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करने लगे। हालांकि मौके पर मौजूद थाना प्रभारी संतोष सिंह ने सूझबूझ से काम लेते हुए साधु-संतों को शांत कराया और उन्हें आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।
थाना प्रभारी ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद साधु-संत शांत होकर वहां से वापस लौट गए, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे बड़ा आंदोलन कर सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार आशा देवी मंदिर का यह विवाद अब स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक चर्चा का विषय बनता जा रहा है। प्रशासनिक और धार्मिक हलकों में भी इस मुद्दे को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और प्रशासन की नजर भी इस प्रकरण पर बनी हुई है। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस विवाद में किस पक्ष की जिम्मेदारी सामने आती है और प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।




