कान में फर्जी ट्यूमर बताकर ऑपरेशन, डॉक्टर पर जुर्माना
डिस्ट्रिक हेड: राहुल द्विवेदी
कानपुर में कान में फर्जी ट्यूमर बताकर ऑपरेशन करने के मामले में उपभोक्ता आयोग ने डॉक्टर को इलाज की रकम ब्याज समेत लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने इसे घोर चिकित्सीय लापरवाही मानते हुए आर्थिक दंड भी लगाया।
62,300 रुपये सात प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने का आदेश
आयोग ने डॉ. एनएस वाल्दिया को निर्देश दिया है कि वे इलाज में खर्च हुए 62,300 रुपये परिवाद दायर करने की तिथि से भुगतान की तिथि तक 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाएं। इसके अतिरिक्त मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय के रूप में 7,000 रुपये अलग से अदा करने होंगे।
35 हजार लेकर किया था ऑपरेशन
अनवरगंज निवासी किशन कुमार कुशवाहा ने 30 मार्च 2015 को आर्यनगर स्थित ईएनटी डायग्नोस्टिक्स में डॉ. एनएस वाल्दिया को कान के दर्द के लिए दिखाया। डॉक्टर ने कान में ट्यूमर बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी।
31 मार्च 2015 को कल्याणपुर स्थित एसपीएम अस्पताल में 35,000 रुपये लेकर ऑपरेशन किया गया। अगले दिन मरीज को क्लीनिक से डिस्चार्ज कर दिया गया।
दूसरे डॉक्टर की जांच में खुला सच
दर्द खत्म न होने पर किशन दोबारा पहुंचे तो डॉक्टर ने कान में कैंसर की आशंका जताई। 27 अप्रैल 2015 को दूसरे डॉक्टर से जांच कराई गई, जहां पता चला कि न तो कान में कैंसर है और न ही पहले कोई ट्यूमर था।
आयोग ने माना लापरवाही
किशन कुमार ने 9 जुलाई 2015 को उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। नोटिस मिलने पर डॉक्टर ने जवाब दिया कि ऑपरेशन से पहले मरीज को कान की नसें सूखने की जानकारी दी गई थी।
हालांकि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने डॉक्टर की लापरवाही मानते हुए उन्हें रकम ब्याज समेत लौटाने और अतिरिक्त क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया।
यह फैसला चिकित्सा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की अहम मिसाल माना जा रहा है।




