फतेहपुर: 28 साल बाद फिर बारात पर मौत ने डाल दिया डेरा: यह संयोग नहीं, सिस्टम का अपराध है…
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी
फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद के आसोथर थाना क्षेत्र के सिंघूतारा गांव की सड़क पर गुरुवार को जो हुआ, वह सिर्फ एक हादसा नहीं था. यह 28 साल पुरानी प्रशासनिक नाकामी की दोबारा लिखी गई खून से सनी इबारत है. तब भी ट्रैक्टर पलटा था, तब भी बारात में लाशें गिरी थीं और गुरुवार फिर शादी की खुशियों पर मौत ने डेरा डाल दिया.
28 वर्ष पहले इसी गांव में दीपक के चाचा की बारात के दौरान ट्रैक्टर हादसे में तीन लोगों की मौत हुई थी. वक्त बदला, सरकारें बदलीं, अफसर बदले लेकिन न बदली तो सड़क की किस्मत, न बदली तो प्रशासन की नींद. नतीजा यह हुआ कि एक बार फिर उसी परिवार को शादी के मौके पर शव उठाने पड़े.
अंधविश्वास की आड़ में छुपाया जा रहा सच
हादसे के बाद गांव में ग्रह-नक्षत्र, दोष और अनहोनी की चर्चाएं तेज हैं. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या 28 साल में भी ग्रह नहीं बदले या प्रशासन ने आंखें नहीं खोलीं?
सच यह है कि अंधविश्वास की यह चर्चा असल दोषियों के लिए सबसे मजबूत ढाल बनती जा रही है. तेज रफ्तार ट्रैक्टर, गैर-जिम्मेदार चालक और मौन प्रशासन.
जब इतिहास चीख-चीख कर चेतावनी देता है
एक ही मार्ग, एक ही तरह का वाहन और एक ही तरह का नतीजा फिर भी न कोई चेतावनी बोर्ड, न स्पीड कंट्रोल, न चेकिंग. सवाल उठता है कि जब 28 साल पहले मौतें हुई थीं, तो क्या प्रशासन ने उसे रिकॉर्ड में भी दर्ज किया था या वह हादसा भी फाइलों में दफन हो गया?
बारात नहीं, मौत की सवारी बन चुकी हैं सड़कें
जिस घर से शहनाई बजनी थी, वहां अब चीखें गूंज रही हैं। सतीश शर्मा परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी शादी की खरीदारी मौत की खरीद बन गई. 14 वर्षीय मोहित अब भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है. यह दृश्य किसी ग्रह-दोष का नहीं, बल्कि सिस्टम की निर्ममता का प्रमाण है.
28 साल में नहीं सुधरी व्यवस्था, तो गलती किसकी?
ग्रामीण साफ कह रहे हैं अगर इसे भी “दुर्घटना” कहकर छोड़ दिया गया, तो अगली बार फिर किसी बारात, किसी त्योहार या किसी परिवार पर मौत टूटेगी.
आज सवाल ट्रैक्टर चालक से ज्यादा बड़ा है, क्या प्रशासन की जवाबदेही तय होगी या फिर हर मौत को किस्मत बताकर फाइल बंद कर दी जाएगी?
जब एक ही परिवार की खुशियां 28 साल में दो बार मातम में बदलीं, तो यह संयोग कैसे हो सकता है?
यह हादसा नहीं, यह सिस्टम की आदतन हत्या है.




